डिजिटल डेस्क, कानपुर : रेउना थाना क्षेत्र के गिरसी गांव में छुट्टी पर अपने घर आई एक महिला सिपाही ने बुधवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। करीब छह महीने पहले यूपी पुलिस में ज्वाइनिंग की थी। पहली पोस्टिंग रायबरेली के मोहनगंज थाने में हुई थी।
यूपी पुलिस में भर्ती होकर खाकी पहनने का सपना पूरा करने वाली 22 वर्षीय ट्रेनी महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतका की पहचान 22 वर्षीय युवती के रूप में हुई है जो गिरसी गांव निवासी विजय सिंह की पुत्री थी। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी कांस्टेबल के पद पर चयनित थी और वर्तमान में रायबरेली जनपद के मोहनगंज थाने में तैनात थी। वह कुछ दिन पूर्व ही विभागीय अवकाश लेकर अपने घर आई हुई थी। छुट्टी पर घर आने के बाद प्रतीक्षा ने परिवार के साथ बैठकर बातचीत की और इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गई। शाम को जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने उसे आवाज दी। परिवार वालों ने दरवाजा खोला तो प्रतीक्षा अचेत मिली। परिवार वालों पुलिस को सूचना पुलिस को दी फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। महिला सिपाही का मोबाइल फोन रीसेट मिला है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर महिला सिपाही ने घर के अंदर कमरे में फांसी का फंदा लगा लिया। जब परिजनों ने उसे फंदे पर झूलते देखा तो उनके होश उड़ गए। परिजनों द्वारा तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही रेउना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस उपायुक्त दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मृतका रायबरेली में आरक्षी के पद पर कार्यरत थी और छुट्टी पर घर आई हुई थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। आत्महत्या के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है, परिजनों व अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
