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दिल्ली प्रदर्शन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी वीडियो की बाढ़, भ्रामक दावों से बढ़ा भ्रम

दिल्ली प्रदर्शन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी वीडियो की बाढ़, भ्रामक दावों से बढ़ा भ्रम
  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के नाम पर पोस्ट किए जा रहे वीडियो
  • सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान के हैंडलर सक्रिय होने का दावा, स्वतंत्र पुष्टि जरूरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने के बीच इंटरनेट मीडिया पर कई तरह के वीडियो और पोस्ट प्रसारित हो रहे हैं। जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने, पुलिस की तैनाती और मेट्रो सेवा बंद होने जैसे दावों के साथ वीडियो साझा किए जा रहे हैं। इनमें कुछ पोस्ट के साथ भ्रामक दावे किए जाने की आशंका है, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित स्क्रीनशॉट में जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और दिल्ली में सुरक्षाबलों की तैनाती के दावे किए गए हैं। एक अन्य पोस्ट में मेट्रो सेवा बंद होने की बात कही गई है। हालांकि, केवल सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो के आधार पर इन दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती।

प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर के सक्रिय होने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध स्क्रीनशॉट से यह साबित नहीं होता कि संबंधित पोस्ट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे हैं या उनके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है।

वीडियो की सत्यता जांचना जरूरी

ऐसे माहौल में पुराने वीडियो को नई घटना से जोड़कर साझा करने, वीडियो के साथ भ्रामक कैप्शन लगाने और अपुष्ट सूचनाएं फैलाने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। किसी भी वीडियो को साझा करने से पहले उसकी तारीख, स्थान और मूल स्रोत की जांच करना जरूरी है। पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक सूचना से भी दावों का मिलान किया जाना चाहिए।

फिलहाल, ASK News India उपलब्ध स्क्रीनशॉट के आधार पर सभी वीडियो को फर्जी या पाकिस्तान से संचालित होने का दावा नहीं करता है। आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र तथ्य-जांच और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।