- संपत्ति और पारिवारिक विवाद को लेकर लंबे समय से चल रही थी खींचतान, तीन साल पहले भी महेश ने किया था आत्महत्या का प्रयास
डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर। रबूपुरा क्षेत्र के नंगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत की खबर से शनिवार सुबह पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। कभी हंसी-खुशी से रहने वाले परिवार का इस तरह बिखर जाना ग्रामीणों के लिए भी स्तब्ध करने वाला रहा। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगे रहे, वहीं गांव के लोग भी परिवार में लंबे समय से चल रहे विवाद और पांच मौतों के पीछे की परिस्थितियों को समझने का प्रयास करते रहे। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार में कलह की शुरुआत कई साल पहले हो गई थी। आर्थिक संपन्नता के बावजूद पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दूरी, संपत्ति को लेकर कथित खींचतान और आपसी मनमुटाव ने हालात को लगातार तनावपूर्ण बना दिया था।
दिल्ली में नौकरी, गांव में भी बनाई संपत्ति
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के खेड़ी कला, नरेला निवासी कृष्ण की शादी रबूपुरा क्षेत्र के नंगला पदम गांव निवासी चंद्रवती से हुई थी। दंपती के दो बेटे राहुल और महेश तथा तीन बेटियां सपना, सुनीता और नीतू थीं। कृष्ण दिल्ली के विद्युत विभाग में कर्मचारी थे। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी बताई जाती है। खेड़ी कला में उनके पास पैतृक मकान के अलावा एक अन्य मकान और प्लॉट भी था। इसके साथ ही उन्होंने नंगला पदम में पत्नी चंद्रवती के नाम पर प्लॉट खरीदा और करीब दस बीघा जमीन भी ली थी। लगभग 25 वर्ष पहले उन्होंने गांव में मकान बनवा लिया था।
परिवार के पास संपत्ति होने के बावजूद दोनों बेटे अपने पैरों पर मजबूती से खड़े नहीं हो सके। बच्चों की शादी के बाद परिवार के सदस्य अलग-अलग रहने लगे। बड़ा बेटा राहुल अपनी पत्नी के साथ दिल्ली के खेड़ी कला में रहता था, जबकि छोटा बेटा महेश नंगला पदम स्थित मकान में रहता था। चंद्रवती भी ज्यादातर समय छोटे बेटे के साथ गांव में ही रहती थीं।
बेटों से अनबन और बेटियों की ओर बढ़ा झुकाव
ग्रामीणों का कहना है कि बेटों के कामकाज और आर्थिक स्थिति को लेकर परिवार में अक्सर तनाव बना रहता था। इसी बीच माता-पिता का झुकाव बेटियों की ओर अधिक होने की बात भी सामने आई। इससे परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद बढ़ते चले गए। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और अलग-अलग सदस्यों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जाता है कि वर्ष 2019 में बड़े बेटे राहुल की मौत हो गई थी। उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। राहुल की मौत के बाद उसकी पत्नी नीरज अपनी बेटी रितिका और बेटे रितिक के साथ खुर्जा में रहने लगी। वह एक पॉटरी में मजदूरी कर बच्चों का पालन-पोषण करने लगी। बाद में उसने दूसरी शादी कर ली। ग्रामीणों के अनुसार, दूसरे पति से भी उसका एक बेटा हुआ, लेकिन कुछ समय बाद वह उससे अलग रहने लगी।
संपत्ति के हस्तांतरण से बढ़ा विवाद
ग्रामीणों के मुताबिक, छोटा बेटा महेश भी नियमित रूप से कोई काम नहीं करता था और अधिकतर समय मोबाइल पर गेम खेलने में बिताता था। इसी दौरान संपत्ति के बंटवारे और परिवार के सदस्यों के बीच अधिकारों को लेकर विवाद बढ़ने की चर्चा सामने आई। बताया जाता है कि चंद्रवती ने नंगला पदम स्थित मकान अपनी एक बेटी के नाम कर दिया था। इससे पहले दिल्ली की संपत्तियां भी बेटियों के नाम किए जाने की बात कही जा रही है। गांव में खरीदी गई जमीन के मुआवजे की रकम भी बेटियों के बीच बांटे जाने की जानकारी ग्रामीणों ने दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि संपत्ति के हस्तांतरण को लेकर परिवार में असंतोष बढ़ता गया। हालांकि, संपत्ति किसके नाम कब और किन परिस्थितियों में की गई, इस संबंध में दस्तावेजी तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है। पारिवारिक विवाद में संपत्ति की भूमिका कितनी अहम थी, यह भी जांच का विषय है।
तीन साल पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास
पड़ोसियों के अनुसार, महेश ने करीब तीन वर्ष पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय समय पर उपचार मिलने के कारण उसकी जान बच गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि महेश बाद में भी इस घटना का जिक्र करता था। उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति को लेकर भी गांव में चर्चाएं होती थीं। हालांकि, उस समय की घटना और मौजूदा मामले के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
पांच मौतों से गांव में शोक
शनिवार सुबह परिवार के पांच सदस्यों की मौत की सूचना फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जानना चाहता था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाते रहे। लंबे समय से पारिवारिक तनाव की चर्चा के बीच हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के बीच संपत्ति और पारिवारिक कलह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और अन्य साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है। पांच लोगों की मौत के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।
