टेक्नोलॉजी

QR कोड से बदली भुगतान की तस्वीर, दुनिया में बना भारत की डिजिटल ताकत का प्रतीक

QR कोड से बदली भुगतान की तस्वीर, दुनिया में बना भारत की डिजिटल ताकत का प्रतीक

रवि शर्मा , नई दिल्ली : यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। 25 अगस्त 2016 को शुरू हुई यह सेवा आज भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम के रूप में पहचान बना चुकी है। पिछले एक दशक में UPI ने लोगों के लेनदेन के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। UPI की शुरुआत का उद्देश्य मोबाइल के जरिए आसान, तेज और सुरक्षित भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराना था। आज छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, हर वर्ग के लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। QR कोड स्कैन कर कुछ सेकंड में भुगतान करने की सुविधा ने नकद लेनदेन पर निर्भरता को काफी कम किया है।

आंकड़ों के अनुसार UPI पर हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। देश के डिजिटल भुगतान में इसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है और यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बन गया है। सरकार और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा समय-समय पर नई सुविधाएं जोड़ने से इसकी पहुंच और मजबूत हुई है। UPI की सफलता केवल भारत तक सीमित नहीं है। कई देशों में भी भारतीय डिजिटल भुगतान मॉडल को अपनाने की दिशा में काम हो रहा है। इससे भारत की फिनटेक क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।

UPI ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल भुगतान का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे बैंकिंग सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनी है। UPI के 10 साल पूरे होने पर इसे भारत की डिजिटल क्रांति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। यह प्रणाली आज करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी है और आने वाले वर्षों में इसके और अधिक विस्तार की उम्मीद है।