शिक्षागौतम बुद्ध नगर

GBU में 2 सितंबर को होगा बोधि वृक्ष का रोपण समारोह

GBU में 2 सितंबर को होगा बोधि वृक्ष का रोपण समारोह

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के परिसर में 2 सितंबर को बोधि वृक्ष रोपण समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन म्यांमार बौद्ध संघ एवं भिक्षुणियों तथा स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एंड सिविलाइजेशन, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। बौद्ध परंपरा में बोधि वृक्ष का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ ने ज्ञान प्राप्त कर बुद्धत्व प्राप्त किया था। विश्वविद्यालय परिसर में बोधि वृक्ष का रोपण ज्ञान, करुणा, शांति, सजगता, प्रकृति के प्रति सम्मान और मानवीय सद्भाव के मूल्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एंड सिविलाइजेशन के डीन प्रो. राजीव वर्ष्णेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में बोधि वृक्ष का रोपण बौद्ध दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवंत विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बोधि वृक्ष केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि प्रज्ञा, करुणा और शांति का प्रतीक है। इसकी स्थापना विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भगवान बुद्ध के शांति, अहिंसा, करुणा और मानव कल्याण के संदेश से निरंतर जोड़ने का कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय की वैश्विक बौद्ध अध्ययन एवं शांति शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगी।

मंत्रोच्चार और शांति ध्यान समेत होंगे कई कार्यक्रम :

अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक एवं स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एंड सिविलाइजेशन के प्रमुख डॉ. चिंतला वेंकट साई शिवसाई ने बताया कि समारोह में बौद्ध मंत्रोच्चार, भूमि पूजन एवं आशीर्वाद, बोधि वृक्ष का रोपण, औपचारिक जल अर्पण, शांति ध्यान तथा विशिष्ट अतिथियों के संबोधन सहित विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय की बौद्ध विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन, शांति शिक्षा, पर्यावरणीय जागरूकता और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। परिसर में स्थापित होने वाला बोधि वृक्ष भविष्य में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों और समाज के लिए प्रेरणा एवं चिंतन का केंद्र बनेगा।

समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, विशिष्ट अतिथि, बौद्ध भिक्षु एवं भिक्षुणियां, बौद्ध अध्ययन के विद्वान, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय समुदाय के अन्य सदस्य शामिल होंगे। स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एंड सिविलाइजेशन ने विश्वविद्यालय परिवार और सभी विशिष्ट अतिथियों से समारोह में सहभागी बनने का आह्वान किया है।