- साइट-बी की फैक्ट्रियों से निकल रहा काला धुआं, कामगारों ने उठाए सवाल
- केमिकल की दुर्गंध से आंखों में जलन और सांस लेने में हो रही दिक्कत
डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर। नवंबर का महीना शुरू होने से पहले ही ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण का असर दिखाई देने लगा है। साइट-बी स्थित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं और केमिकल की दुर्गंध से आसपास के क्षेत्र में धुंध जैसी स्थिति बन रही है। सुबह और शाम के समय हालात अधिक खराब होने का दावा स्थानीय कामगारों ने किया है।
कामगारों के मुताबिक, कई फैक्ट्रियों की चिमनियों से लगातार काला धुआं निकल रहा है। कुछ इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए फिल्टर और अन्य उपकरणों के मानकों के अनुरूप संचालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। केमिकल की तेज दुर्गंध के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
साइट-बी में टायर, प्लास्टिक, केमिकल और पेंट से जुड़ी कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। नियमों के तहत औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का इस्तेमाल और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। आरोप है कि कुछ इकाइयों में इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। शाम के समय कचरा और केमिकल वेस्ट जलाए जाने से भी प्रदूषण बढ़ने की बात कही जा रही है।
शिकायत पर होगी कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां से शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच कराई जाएगी। मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ इकाइयों को पूर्व में नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों और कामगारों का आरोप है कि प्रदूषण को लेकर कार्रवाई का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि औद्योगिक धुएं के कारण क्षेत्र में सांस लेना मुश्किल हो रहा है और जिम्मेदार विभागों को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

