डिजिटल डेस्क,कानपुर देहात : विघ्नहर्ता भगवान गणेश के स्वागत को लेकर कानपुर देहात में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। गणेश चतुर्थी के साथ ही जिले में 14 सितंबर से गणेश महोत्सव की शुरुआत होगी। इसको लेकर शहर से लेकर कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
जिले में इस बार करीब 146 स्थानों पर गणेश पूजा के लिए पंडाल सजाए जाने की तैयारी है। अकबरपुर, पुखरायां, झींझक, रूरा, मैथा, राजपुर, सिकंदरा, रसूलाबाद, शिवली, डेरापुर, मंगलपुर, संदलपुर, रनियां समेत कई क्षेत्रों में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
इस बार क्या है खास?
इस बार गणेश महोत्सव में परंपरागत मिट्टी की मूर्तियों पर विशेष जोर देखने को मिल रहा है। रसूलाबाद और जैनपुर क्षेत्र में मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मांग को देखते हुए कारीगर मिट्टी के साथ लकड़ी और घास-फूस जैसी सामग्री का भी इस्तेमाल कर प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं।
गणेश प्रतिमाओं के साथ पंडालों की सजावट को भी आकर्षक रूप देने की तैयारी है। कई स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण की तैयारियां की जा रही हैं।
14 सितंबर को होगी गणपति की स्थापना
इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। इसी दिन श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना करेंगे। गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 25 सितंबर को होने की जानकारी विभिन्न पंचांग स्रोतों में दी गई है।
बाजार में भी बढ़ी रौनक
गणेश महोत्सव को लेकर प्रतिमा, सजावट सामग्री, फूल-माला, पूजा सामग्री और प्रसाद से जुड़े कारोबार में भी तेजी आने की उम्मीद है। मूर्तिकारों का कहना है कि इस बार प्रतिमाओं की मांग को देखते हुए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा कर परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना करेंगे। गणपति पंडालों में होने वाली आरती और धार्मिक आयोजनों से आने वाले दिनों में जिले का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आएगा।
गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजेगा कानपुर देहात।

