यमुना एक्सप्रेसवे पर मुनीम से लूट या साजिश? पुलिस जांच में उलझी कहानी


डिजिटल डेस्क। यमुना एक्सप्रेसवे पर ज्वैलरी कारोबारी के मुनीम से गहनों से भरा बैग लूटे जाने का मामला अब उलझता नजर आ रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस को शिकायतकर्ता और चालक के बयानों में कई विरोधाभास मिले हैं। इतना ही नहीं, जिन दो संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया, उन्हें पहचानने से भी मुनीम ने इनकार कर दिया। ऐसे में पुलिस लूट के साथ-साथ साजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। आगरा के कमला नगर निवासी ज्वैलर्स के मुनीम रामकुमार शर्मा एक अगस्त की रात चालक दीपक चौहान के साथ दिल्ली से कच्ची चांदी लेकर इनोवा कार से आगरा लौट रहे थे। रास्ते में ऑनलाइन बुकिंग के जरिए दो सवारियों को बैठाया गया। आरोप है कि बीटा-दो कोतवाली क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर बिना नंबर की सफेद बलेनो कार में सवार चार बदमाशों ने इनोवा को रोक लिया। बदमाश कथित तौर पर रामकुमार को अपनी कार में बैठाकर सोने-चांदी के गहनों और कच्ची चांदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध बलेनो कार का पता लगाते हुए उसमें सवार दो लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि पहचान कराए जाने पर मुनीम और चालक ने दोनों को घटना में शामिल होने से इनकार कर दिया। जबकि इससे पहले मुनीम सीसीटीवी फुटेज देखकर इन्हीं लोगों पर लूट का आरोप लगा चुका था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिकायतकर्ता और चालक घटना को लेकर कई बार अपने बयान बदल चुके हैं। वहीं, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी उनके दावों से मेल नहीं खा रहे हैं। पूछताछ में ऑनलाइन सवारी बने दोनों युवकों ने बताया कि इनोवा एक्सप्रेसवे किनारे पहले से खड़ी थी और कुछ देर बाद सफेद बलेनो वहां पहुंची। इसके बाद कथित घटना हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम में पूर्व नियोजित साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि जिन गहनों की लूट का दावा किया गया है, उन्हें पहले ही कहीं ठिकाने लगाया गया हो। फिलहाल मुनीम, चालक और अन्य संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
बीटा-दो कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।