जिला अस्पताल : डायलिसिस यूनिट के फर्स पर खून के धब्बे व फैली गंदगी खुद मरीजों को बांट रही बीमारी

गौतमबुद्ध नगर : नोए़ा स्थित जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में किडनी के गंभीर बीमारी के मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। डायलिसिस यूनिट से एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली है कि वह खुद बीमारियों को दावत दे रही है, फर्स पर खून के धब्बे और फैली गंदगी बीमारियों को बढ़ावा देने के लिए काफी है। इसमें चौकाने वाली बात है कि वहां बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण किया जा रहा है और न डायलिसिस के लिए प्रशिक्षित स्टाफ समय से पहुंचते हैं। इससे मरीजों की डायलिसिस प्रभावित होती है। बुधवार सुबह सीएमएस को तमाम खामियां मिलने पर नोडल प्रभारी से लेकर यूनिट प्रबंधन की गैर-जिम्मेदारी सामने आ गई। अव्यवस्था पर भड़के सीएमएस ने प्रबंधक को चेतावनी नोटिस दिया है। सुधार न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बता दें कि शासन के निर्देश पर 2020 में आठ बेड की डायलिसिस यूनिट संचालन की मंजूरी मिली थी। मरीजों की डायलिसिस नेफ्रोलाजिस्ट की निगरानी में होती है। विशेषज्ञ आनकाल इलाज के लिए रहते हैं, जबकि स्टाफ और व्यवस्था की जिम्मेदारी संजीवनी डायलिसिस ईकाई की है। अब यूनिट की हालत ऐसी हो चुकी थी, कि कुछ दिनों से वहां बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। मरीजों को बेडशीट नहीं मिलती और फर्श पर संक्रमित खून के धब्बे पड़े रहते हैं। सीएमएस ने नाराजगी जाहिर कर लिखा कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण न होने और कूड़ा-गंदगी फैलने से यूनिट में बदबू रहती है। फर्श पर खून के धब्बे और पानी बिखरा रहता है। मरीजों को बेडशीट नहीं दी जाती। वह अपनी चादर से व्यवस्था करते हैं। चिंता की बात है कि मरीजों की डायलिसिस के लिए स्टाफ ही समय से नहीं पहुंचता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यूनिट में कूड़ा, गंदगी या फर्श पर खून के धब्बे जमे होने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इससे अन्य मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। सीएमएस डा. अशोक कुमार झा का कहना है कि डायलिसिस यूनिट में गंदगी और कई तरह अव्यवस्था मिली थी। यूनिट प्रबंधक को चेतावनी नोटिस जारी किया है। दो दिन से सफाई कर्मी न आने से समस्या थी। फिलहाल सभी व्यवस्था ठीक कर ली गई हैं।