जेल में प्रेमी से मिलने पहुंची किशोरी, बैग में मिले 10 कारतूस

गोंडाः जनपद में स्थित मंडलीय कारागार में बंद अपने प्रेमी से मिलने पहुंची एक इंटर की छात्रा को जेल गेट पर तलाशी के दौरान 10 जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया। किशोरी के बैग से कारतूस के अलावा नकदी और एक आधार कार्ड भी बरामद हुआ। आधार कार्ड पर दर्ज नाम और किशोरी द्वारा बताए गए नाम में अंतर मिलने के बाद जेलकर्मियों को शक हुआ। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि यह पूरा मामला 6 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे का है। गोंडा मंडलीय कारागार में बंद हर्षु कश्यप नाम के बंदी से मुलाकात करने के लिए एक लड़का और एक लड़की आए थे। जेल के मुख्य गेट पर नियमानुसार तलाशी के दौरान लड़की की आईडी संदिग्ध लगी। आधार कार्ड पर दर्ज नाम और उसके द्वारा बताए गए नाम में अंतर पाया गया। इसके बाद जेलकर्मियों ने जब उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें रिवॉल्वर पिस्टल के 10 जिंदा कारतूस, नकदी और आधार कार्ड बरामद हुआ।पूछताछ के दौरान किशोरी ने अपनी वास्तविक पहचान बताई। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता अधिवक्ता हैं और उनके पास लाइसेंसी पिस्टल है। किशोरी के मुताबिक, पिता को उसके जेल जाने की जानकारी होने पर वह गुस्से में कोई बड़ा कदम न उठा लें, इसी डर से उसने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से 10 कारतूस निकाल लिए और परिवार को बिना बताए जेल में बंद अपने कथित प्रेमी से मिलने पहुंच गई।मामले की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने किशोरी और उसके साथ आए युवक को जेल चौकी प्रभारी के सुपुर्द कर दिया। बरामद 10 जिंदा कारतूस, संदिग्ध आधार कार्ड और अन्य सामान भी पुलिस को सौंप दिया गया। जेलर आफताब अहमद अंसारी ने बताया की हमारे यहां एक बंदी है, जिसका नाम हर्षु कश्यप है। उससे मुलाकात के लिए एक लड़का और लड़की पर्ची लगाकर आए थे। गेट पर तलाशी के दौरान लड़की की आईडी संदिग्ध लगी। नाम पूछने पर उसने दूसरा नाम बताया। बाद में तलाशी लेने पर 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए और उसने अपना नाम भी बाद में दूसरा बताया। तत्काल जेल चौकी प्रभारी को बुलाकर लड़का-लड़की को उनके कब्जे में दे दिया गया। एफआईआर दर्ज कर दी गई है, आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।”