राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए 11-12 अगस्त को अंतिम इंटरव्यू, 5200 से ज्यादा आवेदनों में 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट

IMG-20260810-WA0010

रवि शर्मा, अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों का अंतिम साक्षात्कार 11 और 12 अगस्त 2026 को अयोध्या में होगा। इसके बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट के सामने नाम भेजे जाएंगे। इस पद के लिए देशभर से 5200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। अलग-अलग चरणों में आवेदनों की छंटनी के बाद 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए चुना गया है। चयन प्रक्रिया के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और मंदिर परिसर के प्रबंधन से जुड़ी समझ का आकलन कर रही है।

क्यो बनाई जा रही है CEO की पोस्ट? :

राम मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी दायरे को देखते हुए ट्रस्ट ने पहली बार CEO का पद सृजित किया है। CEO के जिम्मे मंदिर परिसर के प्रशासन, प्रबंधन और रोजमर्रा के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य होंगे। पद पर नियुक्ति तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए प्रस्तावित है। CEO पद के लिए आवेदन करने वालों में प्रशासनिक और प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े कई अनुभवी लोगों के साथ पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर का नाम भी सामने आया था। उन्होंने अपने करीब तीन दशक के प्रशासनिक, सुरक्षा और प्रबंधन अनुभव का हवाला देते हुए आवेदन किया था।

चयन प्रक्रिया में क्या हुआ? :

ट्रस्ट ने जुलाई में CEO पद के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की गई और उनसे विस्तृत जानकारी भी ली गई। रिपोर्टों के मुताबिक आवेदकों को भेजे गए फॉर्म में मंदिर प्रशासन, प्रबंधन और उनकी व्यक्तिगत सोच से जुड़े कई सवाल शामिल थे। इसके बाद उम्मीदवारों को विभिन्न चरणों में शॉर्टलिस्ट किया गया। अब 11 और 12 अगस्त के अंतिम इंटरव्यू को इस पूरी चयन प्रक्रिया का अहम चरण माना जा रहा है। इसके बाद चयन समिति अपनी सिफारिश ट्रस्ट के समक्ष रखेगी।

पृष्ठभूमि में मंदिर प्रबंधन को लेकर उठे सवाल

राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी हालिया चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में CEO की नियुक्ति को मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब नजर 11-12 अगस्त के इंटरव्यू पर है। इसके बाद यह साफ होगा कि अयोध्या राम मंदिर के प्रशासन की कमान संभालने के लिए ट्रस्ट किस नाम पर मुहर लगाता है।

You may have missed