डिजिटल डेस्क, बागपत : काठा गांव के जंगल में करीब 25 दिन पहले मिले 16 वर्षीय किशोरी के जले हुए शव के मामले का बागपत पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने किशोरी की पहचान मथुरा निवासी परी के रूप में करते हुए हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रेम संबंधों को लेकर हुए विवाद के बाद दंपती ने किशोरी की हत्या की और पहचान छिपाने के लिए शव को बागपत लाकर जला दिया।
13 अगस्त को मिला था जला हुआ शव
काठा गांव के जंगल में 13 अगस्त को किशोरी का जला हुआ शव मिलने के बाद पुलिस के सामने उसकी पहचान करना बड़ी चुनौती थी। एसपी बागपत सूरज कुमार राय ने मामले को ब्लाइंड केस मानते हुए एसओजी, सर्विलांस, फोरेंसिक और शहर कोतवाली की पांच टीमों को जांच में लगाया था। एएसपी प्रवीण चौहान और सीओ सुकन्या शर्मा के नेतृत्व में टीमों ने बागपत के साथ दिल्ली और मथुरा में भी जांच की।
दुकान के सामने से शुरू हुई कहानी
पुलिस के अनुसार, करीब तीन महीने पहले आरोपी अमन सागर किशोरी की दुकान के सामने दुकान लगाता था। बाद में उसने किशोरी को अपने घर में पनाह दी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध होने की जानकारी अमन की पत्नी को हुई, जिसके बाद दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के बाद दोनों ने किशोरी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
दिल्ली में हत्या, बागपत में शव ठिकाने लगाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अमन सागर ने दिल्ली में कमरा ले रखा था। वहीं किशोरी की हत्या किए जाने का आरोप है। इसके बाद शव को बोरे में बंद कर स्कूटर से बागपत लाया गया। काठा गांव के जंगल में शव फेंकने के बाद पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डालने और पेट्रोल डालकर आग लगाने की बात सामने आई है।
सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्यों से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले कपड़ों और अन्य साक्ष्यों को आधार बनाया। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल की गई। फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
क्राइम सीरियल से प्रभावित होकर साजिश रचने का दावा
एसपी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों द्वारा वारदात की योजना और पहचान छिपाने के तरीके के लिए टीवी के ‘सीआईडी’ और ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे धारावाहिकों से प्रभावित होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस की तकनीकी और फोरेंसिक जांच के चलते हत्या का राज खुल गया।
25 दिन की जांच के बाद गिरफ्तारी
एसओजी, सर्विलांस, फोरेंसिक और शहर कोतवाली की टीमों ने करीब 25 दिनों तक लगातार जांच की। पुलिस का दावा है कि जांच में हत्या से जुड़ी कड़ियां सामने आने के बाद आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम
ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए एडीजी भानु भास्कर ने 50 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। बागपत पहुंचे एडीजी ने एसपी से पूरे मामले की जानकारी ली और खुलासे में शामिल पुलिस टीमों के प्रयासों की सराहना की।

