डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित हो रहे 18वें BRICS लीडर्स समिट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। भारत मंडपम, प्रगति मैदान में होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के बड़े राष्ट्राध्यक्षों के आने की उम्मीद है, जिसके चलते जमीन से लेकर आसमान तक कड़ा पहरा बैठा दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में हवाई क्षेत्र को लेकर विशेष NOTAM जारी किया है।
क्या है एयरस्पेस पर पाबंदी?
जारी आदेश के अनुसार 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक दिल्ली से 300 किमी के दायरे में गैर-निर्धारित उड़ानों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
इस दौरान प्राइवेट जेट, चार्टर प्लेन, हल्के एयरक्राफ्ट, माइक्रो-लाइट, हैंग ग्लाइडर, ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून जैसी किसी भी उड़न वस्तु को उड़ने की अनुमति नहीं होगी। DGCA ने यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौजूद सभी फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन की उड़ानों पर भी रोक लगा दी है।
- सुबह 7 बजे से रात 11 बजे के बीच किसी भी गैर-नियमित उड़ान को टेक-ऑफ और लैंडिंग की इजाजत नहीं होगी।
- सफदरजंग एयरपोर्ट और रोहिणी हेलीपैड पूरी तरह बंद रहेंगे।
इन उड़ानों को मिलेगी छूट
प्रशासन ने साफ किया है कि आम यात्रियों की नियमित शेड्यूल्ड फ्लाइट्स पर कोई रोक नहीं है। वे सामान्य रूप से संचालित होंगी।
इसके अलावा इन श्रेणियों को विशेष छूट दी गई है:
1. BRICS से जुड़ी विशेष उड़ानें – विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधिमंडलों को लेकर आने वाली करीब 35 विशेष विमानों को अनुमति रहेगी, लेकिन इनके लिए गृह मंत्रालय से पूर्व मंजूरी जरूरी होगी।
2. सुरक्षा बलों की उड़ानें – IAF, BSF और एविएशन रिसर्च सेंटर की उड़ानें।
3. वीवीआईपी उड़ानें – राज्यपाल या मुख्यमंत्री को ले जा रहे सरकारी विमान/हेलीकॉप्टर।
4. इमरजेंसी सेवाएं – सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा क्विक रिस्पॉन्स टीम और मेडिकल इवैक्युएशन मिशन।
रेगुलर फ्लाइट्स के लिए भी ऊंचाई को लेकर नियम तय किया गया है। चढ़ते समय विमान को दिल्ली से 200 किमी दूर होने तक FL290 ऊंचाई तक पहुंचना होगा, और उतरते समय FL290 से तभी नीचे आ सकेंगे जब वे 200 किमी दूर हों।

