डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : सेक्टर-20, 12 और 15 में बढ़ती आबादी और बहुमंजिला इमारतों के बीच पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई इमारतों में पांच-पांच मंजिल तक अलग-अलग परिवार रह रहे हैं। एक परिवार के पास दो से तीन वाहन होने के कारण सड़कों और घरों के बाहर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। पार्किंग को लेकर आए दिन लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी-बड़ी इमारतें तो तैयार हो गईं, लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या के अनुरूप पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। सड़क किनारे वाहन खड़े होने से कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होता है और जाम की स्थिति भी बन जाती है। लोगों का कहना है कि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में पार्किंग की समस्या और विकराल हो सकती है।
सेक्टर-12 और 15 में भी हालात चिंताजनक :
सेक्टर-12 और 15 में भी पार्किंग को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सेक्टर में पर्याप्त और व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं है। अपनी समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग सड़क किनारे और आसपास उपलब्ध जगहों पर वाहन खड़े करने को मजबूर हैं। इससे सड़क पर जाम और पैदल आवागमन में भी परेशानी होती है।
जर्जर जी-ब्लॉक मार्केट के नीचे पार्किंग बनाने का सुझाव :
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रामपाल भाटी का कहना है कि सेक्टर में स्थित जी-ब्लॉक मार्केट की जर्जर इमारत को तोड़कर उसके स्थान पर अंडरग्राउंड पार्किंग विकसित की जा सकती है। उनका कहना है कि पार्किंग का दायरा केवल मार्केट तक सीमित न रखकर आसपास के सेक्टरों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता में बनाया जाना चाहिए। इससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पार्क कराया जा सकेगा।
सेक्टर-15 में चार्जेबल पार्किंग पर भी सवाल
सेक्टर-15 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुमेर सिंह रावत ने बताया कि सेक्टर वासियों के लिए अलग पार्किंग की मांग लंबे समय से की जा रही है। आरडब्ल्यूए की ओर से साईं मंदिर के पास पार्किंग विकसित करने की मांग भी उठाई गई थी। अब वहां नोएडा प्राधिकरण की ओर से चार्जेबल पार्किंग बनाई जा रही है, लेकिन यह सुविधा केवल सेक्टर-15 के निवासियों के लिए होगी या अन्य लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
20 बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के मुताबिक, पार्किंग की समस्या को लेकर प्राधिकरण में करीब 20 बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं होने से स्थानीय निवासियों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए प्राधिकरण दीर्घकालिक योजना तैयार करे। अंडरग्राउंड पार्किंग के साथ ही सेक्टरों में उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर पार्किंग क्षमता बढ़ाई जाए, ताकि सड़कें वाहनों से मुक्त हों और लोगों को सुरक्षित व सुगम आवागमन मिल सके।

