डिजिटल डेस्क, सीतापुर : शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई पिता-बेटे की गिरफ्तारी का मामला अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। मामले में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु खुद अपने समर्थकों के साथ शहर कोतवाली पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा रम्पा रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान एक मंदिर के चबूतरे को तोड़े जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता और उसके पिता ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। आरोप है कि विरोध के दौरान नोकझोंक बढ़ गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। कार्यकर्ताओं ने मामले की सूचना नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु को दी। सूचना मिलते ही मंत्री राकेश राठौर अपने समर्थकों के साथ शहर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली पहुंचने से पहले मंत्री ने मामले को लेकर जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP), अधिशासी अधिकारी (EO) और शहर कोतवाल से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और कार्यकर्ता को छोड़ने की बात कही। हालांकि, अधिकारियों से बातचीत के बाद भी पिता-बेटे की रिहाई नहीं हो सकी। इसके बाद मंत्री राठौर स्वयं अपने कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के लिए देर शाम कोतवाली पहुंच गए।
कोतवाली में भी काफी देर तक अधिकारियों के साथ चर्चा चलती रही। बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कार्रवाई की गई है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिना नोटिस के मंदिर का चबूतरा तोड़ा गया, जिसका विरोध करना गलत नहीं है। फिलहाल यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है और देर रात तक कोतवाली के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज है।

