डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गुरुवार को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी के 25 साल की रणनीतिक साझेदारी और 75 साल के राजनयिक संबंधों की समीक्षा की और इसे नई ऊंचाई पर ले जाने पर सहमति जताई।
यह चांसलर मर्ज के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच लगातार संपर्क का हिस्सा है। इससे पहले दोनों नेता जी-7 और जी-20 समिट में मिल चुके हैं और जनवरी 2026 में मर्ज भारत की आधिकारिक यात्रा पर भी आए थे।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
1. व्यापार और निवेश: दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर जोर दिया। बता दें कि भारत-जर्मनी के बीच व्यापार अब 50 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। ट्रंप टैरिफ के बीच भारत-ईयू FTA को जल्द पूरा करने पर भी सहमति बनी।
2. एडवांस टेक्नोलॉजी और डिफेंस: सेमीकंडक्टर, ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट, क्लीन एनर्जी और रक्षा-सुरक्षा सहयोग को लेकर नया डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप पर चर्चा हुई। 52,000 करोड़ के पनडुब्बी सौदे सहित मेक इन इंडिया को लेकर भी बात हुई।
3. शिक्षा और टैलेंट मोबिलिटी: जर्मनी में भारतीय प्रवासियों के सकारात्मक योगदान का उल्लेख करते हुए दोनों नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग, स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी को मजबूत करने पर सहमति जताई। हैदराबाद में स्किल सेंटर खोलने की योजना भी इसी कड़ी का हिस्सा है।
4. वैश्विक मुद्दे: क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों से निपटने के लिए साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज को भारत आने का निमंत्रण दिया, वहीं चांसलर मर्ज ने पीएम मोदी को इस साल के अंत में जर्मनी में होने वाली 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श बैठक (IGC) के लिए आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

