मदरसा मुद्दे पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मौर्य ने बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि “चाहे मदरसा बांग्लादेश में हो, पाकिस्तान में हो या भारत में, हकीकत यह है कि मदरसे आतंकवादी पैदा करने की अघोषित फैक्ट्री बन गए हैं।” यह बयान तेजी से राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य?

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक देश तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, जहां भी इस तरह की व्यवस्था है, वहां कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है। उन्होंने बांग्लादेश में मदरसों को बंद करने की मांग कर रहीं तसलीमा नसरीन की बात का समर्थन भी किया।

कब और किस संदर्भ में दिया बयान?

डिप्टी सीएम ने यह बयान 3 अगस्त 2026 को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। उनसे तसलीमा नसरीन की उस टिप्पणी पर सवाल पूछा गया था, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में मदरसों को समाप्त करने की बात कही थी। जवाब में मौर्य ने अपने बयान में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश—तीनों देशों के मदरसों का उल्लेख किया।

बयान का राजनीतिक मायना

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मदरसा शिक्षा और उससे जुड़े मुद्दे पहले से ही राजनीतिक चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह बयान प्रदेश की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।

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