राघव दुबे, संवाददाता, फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बाईपास रोड पर संपत्ति के विवाद और रंजिश में एक 17 वर्षीय नाबालिग पोते ने खूनी खेल खेल डाला। आरोपी ने अपनी चचेरी दादी की हंसिया से काटकर निर्मम हत्या कर दी, जबकि बचाने आई सगी दादी और 11 वर्षीय मासूम बहन को भी लहूलुहान कर दिया। वारदात के बाद बाबा ने दिलेरी दिखाते हुए आरोपी को कमरे में बंद कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गोद लेने से संपत्ति हाथ से निकलने की थी रंजिश
पुलिस जांच के अनुसार, बाईपास रोड निवासी बेऔलाद जगमोहन शर्मा ने अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी (65) के भाई की बेटी शिल्पी को बचपन में गोद लिया था। जगमोहन के भाई रामरतन का 17 वर्षीय पोता (कक्षा 11 का छात्र) इसी बात से रंजिश रखता था। उसका मानना था कि यदि शिल्पी को गोद न लिया जाता, तो जगमोहन का मकान और जमीन उसे मिल जाती।
दवा लेने गए थे परिजन, घर में अकेली देख किया हमला
बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे जगमोहन अपनी गोद ली हुई बेटी शिल्पी को दवा दिलाने मैनपुरी गए थे। घर में लक्ष्मी देवी अकेली थीं। मौका पाकर आरोपी हंसिया लेकर कमरे में घुसा और लक्ष्मी देवी के सिर व शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी।
चीख-पुकार सुनकर आरोपी की सगी दादी मिथलेश कुमारी और 11 वर्षीय बहन मानवी बचाने पहुंचीं, तो आरोपी ने उन पर भी हंसिया से हमला कर दिया। आरोपी ने मानवी का गला दबाने का प्रयास किया और दोनों के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर फेंक दिया। इसी बीच दुकान से अंदर आए बाबा रामरतन ने आरोपी को देख उससे हंसिया छीना और उसे कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुंडी खोलकर आरोपी को हिरासत में लिया।
आरोपी के चेहरे पर नहीं दिखा कोई पछतावा
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। पूछताछ में उसने बेफिक्री से कहा, “हमें नहीं मालूम हमसे क्या हो गया, हम पर कुछ सवार हो गया था।” वहीं सिपाही द्वारा चोरी की बात पूछने पर उसने कबूला कि खर्च के लिए पैसे न होने पर वह चोरी कर लेता था।
क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता शिल्पी को गोद लिए जाने की रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
