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मिठास हो रही फीकी, चीनी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई रसोई की चिंता, त्योहारों से पहले आम आदमी पर महंगाई की मार

मिठास हो रही फीकी, चीनी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई रसोई की चिंता, त्योहारों से पहले आम आदमी पर महंगाई की मार

रवि शर्मा , नई दिल्ली: चाय की चुस्कियों से लेकर मिठाइयों की मिठास तक, हर जगह चीनी का स्वाद अब महंगा पड़ने लगा है। देशभर में चीनी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम जिस रफ्तार से बढ़े हैं, उसने रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में चीनी की खुदरा कीमतों में 19 से 21 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई शहरों में चीनी का भाव 52 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60 से 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

केंद्र सरकार के अनुसार 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत खुदरा कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई। सरकार ने माना है कि हाल के सप्ताहों में चीनी की कीमतों में तेजी आई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी की कीमतों में उछाल के पीछे कई कारण हैं। इस वर्ष देश में चीनी उत्पादन शुरुआती अनुमान से कम रहने की संभावना है। पहले जहां उत्पादन 343 लाख टन रहने का अनुमान था, वहीं अब यह करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान जताया गया है। गन्ने की फसल में बीमारी, अधिक बारिश और जलभराव जैसी समस्याओं ने उत्पादन को प्रभावित किया है।

त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों से पहले मिठाई, बिस्कुट और पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियां चीनी की खरीद बढ़ा रही हैं। इससे बाजार में मांग तेज हुई है और कीमतों को और बल मिला है।
कीमतों में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। चीनी का जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक सीमा घटाई गई है और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सीमित शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति भी दी गई है।

खाद्य महंगाई पहले ही बढ़कर 5.52 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। ऐसे में चीनी के बढ़ते दाम आने वाले दिनों में मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य वस्तुओं को भी महंगा कर सकते हैं। त्योहारों की तैयारियों के बीच आम आदमी की चिंता यही है कि कहीं बढ़ती महंगाई उसकी मिठास को पूरी तरह फीका न कर दे।