रवि शर्मा, नई दिल्ली: अगर आपको लग रहा है कि बाजार से सब्जियां और रसोई का सामान खरीदते समय जेब पहले से ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है, तो यह सिर्फ आपका एहसास नहीं है। देश में खाद्य महंगाई एक बार फिर बढ़ी है और इसकी सबसे बड़ी वजह रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली चीजों के दामों में आई तेज बढ़ोतरी है। जुलाई 2026 में देश की खाद्य महंगाई बढ़कर 5.52 प्रतिशत पर पहुंच गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्याज, लहसुन और अदरक जैसी जरूरी खाद्य वस्तुओं ने महंगाई को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
सबसे ज्यादा तेजी अदरक के दामों में दर्ज की गई, जिसकी कीमतें पिछले वर्ष के मुकाबले 83 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं। वहीं लहसुन करीब 35 प्रतिशत और प्याज 22 प्रतिशत से ज्यादा महंगा हुआ है। लगातार बारिश, आपूर्ति में बाधा और उत्पादन प्रभावित होने से इन वस्तुओं के दाम ऊंचे बने हुए हैं।
महंगाई का असर केवल सब्जियों तक सीमित नहीं है। खाद्य तेलों की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। इसके चलते घर में बनने वाली थाली का खर्च बढ़ गया है। जुलाई में शाकाहारी थाली की लागत 4 प्रतिशत और मांसाहारी थाली की लागत 9 प्रतिशत तक बढ़ी है। इसके पीछे प्याज, खाद्य तेल और रसोई गैस की बढ़ी कीमतें प्रमुख कारण हैं।
बाजार में धनिया जैसी सामान्य वस्तु भी महंगाई की मार झेल रही है। कई स्थानों पर धनिया के दाम 200 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गए हैं।
हालांकि कुछ राहत की खबर भी है। आलू और टमाटर जैसी कुछ सब्जियों के दामों में नरमी देखी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को आंशिक राहत मिली है। लेकिन प्याज, लहसुन, अदरक और खाद्य तेलों की महंगाई अभी भी लोगों के घरेलू बजट पर भारी पड़ रही है। त्योहारी सीजन नजदीक आते ही लोगों की चिंता बढ़ गई है। यदि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले महीनों में रसोई का बजट और अधिक प्रभावित हो सकता है।

