देशगौतम बुद्ध नगर

GBU : आने वाला समय केवल डिग्री का नहीं, बल्कि आइडियाज-नवाचार और टेक्नोलाजी का है- CM योगी

GBU : आने वाला समय केवल डिग्री का नहीं, बल्कि आइडियाज-नवाचार और टेक्नोलाजी का है- CM योगी

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के 19 वें स्थापना दिवस के मौके पर मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मिशन शक्तिसैट का आयोजन 31 अगस्त तक किया जाएगा। भारत समेत 108 देशों छात्राएं शामिल हो रही हैं। मुख्य अतिथि के तौर पर आनलाइन जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाला समय केवल डिग्री का नहीं, बल्कि आइडियाज, इनोवेशन, इंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलाजी का है। भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों की यात्रा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, नवाचार और युवा शक्ति की यात्रा भी है। युवाओं को नेशन फर्स्ट की भावना के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने चाहिए।

विंग कमांडर राकेश शर्मा ने भी आनलाइन माध्यम से कहा कि युवा पृथ्वी ग्रह के भविष्य के संरक्षक हैं और हमें अपने ज्ञान एवं क्षमताओं का उपयोग पृथ्वी तथा मानवता के बेहतर भविष्य के लिए करना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से शिक्षा, तकनीक, नवाचार और उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। मिशन शक्तिसैट जैसे कार्यक्रम युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। आज की बेटियां विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि 108 देशों की छात्राओं का एक मंच पर आना इस बात का प्रमाण है कि विज्ञान और अंतरिक्ष मानवता को जोड़ने की शक्ति रखते हैं।

स्पेस किड्ज़ इंडिया की संस्थापक डा. केसन् ने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल किसी एक देश के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों के साथ मिलकर समावेशी विकास और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना है। मिशन शक्तिसैट के माध्यम से दुनिया भर की प्रतिभाशाली छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन स्पेस के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्राओं को केवल अंतरिक्ष के बारे में जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें उपग्रह निर्माण, पेलोड विकास, सिस्टम इंजीनियरिंग और वास्तविक अंतरिक्ष मिशनों की प्रक्रिया से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।