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शिवली : धूमधाम से मनाई गई हरतालिका तीज

शिवली : धूमधाम से मनाई गई हरतालिका तीज

रामप्रकाश श्रीवास्तव, संवाददाता

कानपुर देहात। सोमवार को कस्बा शिवली समेत आसपास क्षेत्र में धूमधाम के साथ हरतालिका तीज मनाई गई। इस अवसर पर कुछ परिवारों में रक्षाबंधन भी मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
हरतालिका तीज पर पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने बाल्यावस्था में ही भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने का ठान लिया था। इसके लिए उन्होंने हिमालय पर गंगा तट पर भूखे-प्यासे रहकर घोर तपस्या की। माता पार्वती के पिता (पर्वतराज हिमालय) उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह भगवान विष्णु से तय करना चाहते थे। जब माता पार्वती को इस बात का पता चला, तो उनकी एक सखी ने उन्हें उनके पिता की नजरों से बचाकर एक घने और सुरक्षित जंगल (गुफा) में छिपा दिया। ‘हरत’ का अर्थ है हरण या अगवा करना और ‘आलिका’ का अर्थ सखी है, इसलिए इस व्रत का नाम हरतालिका पड़ा। कठोर तपस्या और शिव की प्राप्ति: उस घने जंगल में माता पार्वती ने बालू (रेत) से शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की कठोर आराधना की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया। बाद में पर्वतराज हिमालय ने भी उनकी इच्छा स्वीकार कर ली और शिव-पार्वती का विवाह हुआ। इस पर्व पर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं।