- दो पालियों में आयोजित हो रही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा, नकल रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरण समेत प्रतिबंधित सामान ले जाने पर रोक, सीसीटीवी से हो रही निगरानी
- आगरा, मुरादाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, मैनपुरी, अलीगढ़ और एटा समेत दूसरे जिलों से भी पहुंचे अभ्यर्थी
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को लेकर शुक्रवार को परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटी रही। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 1,372 केंद्रों पर हो रही है। दो पालियों में आयोजित परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रानिक उपकरण और प्रतिबंधित सामान ले जाने पर रोक रही।
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की आवाजाही दिखाई दी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने और पहचान सत्यापन के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्षों में प्रवेश दिया गया। केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं।
दूसरे जिलों से भी पहुंचे अभ्यर्थी
पीईटी में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को दूसरे जिलों का भी रुख करना पड़ा। आगरा, मुरादाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, मैनपुरी, अलीगढ़ और एटा समेत विभिन्न जिलों में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों की सुबह से आवाजाही रही। बाहरी जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों के कारण रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी चहल-पहल बढ़ गई। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र तक समय से पहुंचने के लिए एक दिन पहले ही संबंधित शहरों में ठहरने की व्यवस्था कर ली थी।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया सख्त रखी गई। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। तलाशी के दौरान प्रतिबंधित वस्तुओं को बाहर ही रोक दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी भी रही। आयोग स्तर पर भी परीक्षा की निगरानी के लिए कमांड कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
