डिजिटल डेस्क : रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्यौहार से पहले महंगाई ने जनता को ऐसा झटका दिया है की पूरे त्यौहार का सीजन ही फीका कर दिया। एक साथ चीनी के दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं 8 दिन के अंदर चीनी 42 किलो से बढ़कर अब चीनी मार्केट में 65 किलो हो गई है। चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला,शुल्क जीरो कर दिया है।
आपको बता दे चीनी हमारे और आपके घर में हर रोज उपयोग की जाने वाली चीज है। रसोई का बजट पहले से बिगड़ा हुआ है, चीनी ने और बिगाड़ दिया है। बढ़े भाव से हर व्यक्ति चिंतित हैं। अब महंगाई ने लोगों की चाय को भी फीका कर दिया है चीनी के साथ-साथ अन्य और वस्तुओं की बात करें तो उनके दाम भी आसमान छू रहे हैं। गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों की थाली से धीरे-धीरे सभी चीज गायब होती जा रही हैं अब त्योहार को इतनी महंगाई में लोग कैसे मनाए। जबकि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का त्यौहार एक बड़े त्योहार के रूप में मानाया जाता है और इस बार महंगाई ने इस कदर कमर तोड़ दी की लोग सामान लाने में बहुत मजबूर हैं। आखिर लोगों का त्यौहार कैसे मनेगा उधर मिष्ठान की दुकान करने वाले लोगों का कहना है जब चीनी के दाम महंगे होंगे तो मिठाइयां भी आसमान छूने लगेगी। अगर चारों तरफ निगाह घूम कर देखी जाए तो बाजार में कोई भी वस्तु सस्ते दामों पर नहीं मिल रही है जिसका रेट सुनकर लोग बाजार से खाली हाथ लौट जाने को मजबूत दिखाई दे रहे हैं। त्योहार को मनाना भी बहुत कठिन का लग रहा है।
बढ़ती चीनी की कीमतों पर सरकार का बड़ा फैसला
बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी के कारण भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन यानी 1 मिलियन टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दे दी है। यह कदम घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के लिया गया है । सरकार का यह आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा
सरकार के इस फैसले का कितना होगा असर
- बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाने में मिल सकती है मदद
- त्योहारों से पहले सप्लाई की कमी कम हो सकती है
कारोबारियों को चीनी की चीजें बनाने वाले को मिल सकती है राहत
घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ने और कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है. हालांकि, इसका असर चीनी उत्पादकों की कमाई पर पड़ सकता है, क्योंकि ऊंची कीमतों से मिलने वाला फायदा कम हो सकता है.

