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बाढ़ में योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 19 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित पहुंचाया

बाढ़ में योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 19 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित पहुंचाया

डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाने के साथ ही राहत दलों को सक्रिय रखा गया है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रदेश में अब तक 19,294 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत अभियान के दौरान अब तक बाढ़ से जन व पशुहानि का आंकड़ा शून्य बताया गया है।

4.66 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित

बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 4.66 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 92,128 बाढ़ राहत खाद्य पैकेट भी प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण आवागमन बाधित होने वाले क्षेत्रों में लोगों को समय पर भोजन और जरूरी सामग्री उपलब्ध हो।

1,977 नाव-मोटरबोट से रेस्क्यू अभियान

प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1,977 नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं। इनके जरिए जलभराव और बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।

1,313 बाढ़ शरणालयों में 6,538 लोग

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इन शरणालयों में फिलहाल 6,538 लोग रह रहे हैं। यहां लोगों के लिए भोजन समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय रखा गया है। प्रदेश में 1,072 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 6.13 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट तथा 2.17 लाख से अधिक ओआरएस वितरित किए जा चुके हैं।

27 जिले बाढ़ से प्रभावित

शनिवार को प्रदेश के 27 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों को तैनात किया जा रहा है।