सत्यम कटियार, संवाददाता फर्रूखाबाद: बारिश के बीच लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति के सैलाब के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी गई। कमालगंज में 11 दिवसीय गणेश महोत्सव के समापन पर निकली भव्य विसर्जन शोभायात्रा में भक्तों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक हर तरफ गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे। अबीर और गुलाल से सराबोर श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते और जयघोष करते हुए गणेश जी को विदाई दी। आयोजकों के मुताबिक, पिछले 16 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम की शोभायात्रा ने इस बार भव्यता और श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से पिछले रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए।
16 वर्षों से जारी है भव्य गणेश महोत्सव
कमालगंज में गणेश महोत्सव का आयोजन लगातार 16 वर्षों से किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। गणेश पंडाल में दर्शन और पूजन के लिए आसपास के क्षेत्रों के अलावा देशभर से झांकी प्रस्तुत करने वाले कलाकार भी पहुंचते हैं। महोत्सव में हजारों भक्तों की भागीदारी रहती है। समापन के अवसर पर निकली विसर्जन यात्रा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
भव्य रथ पर विराजमान हुए गणपति बप्पा
गणेश महोत्सव के अंतिम दिन सुबह हवन और पूजन-अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके बाद कानपुर-फतेहगढ़ मार्ग स्थित दीप केसरी माता मंदिर से गणेश जी की भव्य शोभायात्रा शुरू हुई। गणपति बप्पा को आकर्षक रथ पर विराजमान कराया गया था। यात्रा जैसे ही कमालगंज के मुख्य मार्गों पर पहुंची, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई। जगह-जगह भक्तों ने अबीर और गुलाल उड़ाकर उत्सव मनाया। गणपति बप्पा मोरया और अगली बरस तू जल्दी आ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
एंबुलेंस को रास्ता देकर पेश की मानवता की मिसाल
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के कारण मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति भी बनी। हालांकि, जब भी एंबुलेंस को रास्ता देने की जरूरत पड़ी, भक्तों ने तत्परता दिखाते हुए रास्ता खाली कराया। भीड़ के बीच एंबुलेंस को रास्ता देने की इस पहल से श्रद्धालुओं की संवेदनशीलता और मानवता का संदेश सामने आया।
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
गणेश विसर्जन यात्रा में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों ने महिलाओं के आसपास घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने में सहयोग किया। भक्ति और उत्साह के बीच श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को अंतिम विदाई दी।
100 से अधिक स्थानों पर लगे भंडारे
विसर्जन शोभायात्रा के मार्ग पर 100 से अधिक स्थानों पर भक्तों की ओर से भंडारों का आयोजन किया गया। इनमें हलवा, पूड़ी-कचौड़ी, कढ़ी-चावल, बूंदी और फलों का प्रसाद वितरित किया गया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और जयकारों के साथ अपनी आस्था व्यक्त की। भंडारों में पूरे मार्ग पर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
गणेश महोत्सव के समापन पर निकली इस शोभायात्रा में भक्ति, उत्साह और सेवा का संगम देखने को मिला। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और गणपति बप्पा को हर्षोल्लास के साथ विदाई दी गई।
