- कोर्ट के आदेश पर छह नामजद समेत अज्ञात एजेंटों के खिलाफ सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज
डिजिटल डेस्क, गाजियाबाद : लग्जरी ट्रांसपोर्ट कारोबार में निवेश कराकर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 175 लोगों से 26 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि शुरुआत में निवेशकों को लग्जरी ट्रांसपोर्ट कारोबार में बेहतर रिटर्न का भरोसा दिया गया। बाद में क्रिप्टो करेंसी, विदेशी मुद्रा कारोबार और डिजिटल संपत्ति में निवेश के नाम पर भी रकम ली गई। कुछ समय तक संबंधित वेबसाइट और एप पर निवेश की रकम और रिटर्न दिखाई देता रहा, लेकिन मई 2025 के बाद वेबसाइट और एप बंद कर दिए गए। आरोप है कि निवेशकों का डाटा भी हटा दिया गया और रकम लौटाने से आरोपितों ने हाथ खड़े कर दिए।
मामले में ऋषिकेश निवासी 55 वर्षीय प्रापर्टी डीलर दिनेश कुमार शर्मा की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था। कोर्ट के आदेश पर सिहानी गेट थाने में छह नामजद आरोपितों और अज्ञात एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद आरोपितों में कैथल निवासी सतीश कुमार उर्फ सतीश मोस्ट्रा, सोलन निवासी हैप्पी शेख, कुरुक्षेत्र निवासी रोषविंदर सिंह उर्फ रविंद्र बांगड़, देव बांगड़, धर्म सिंह रंधावा और नजीब शामिल हैं।
मार्च 2020 में हुई थी मुलाकात
शिकायतकर्ता के मुताबिक मार्च 2020 में उनकी कुरुक्षेत्र निवासी देव बांगड़ से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि देव ने उन्हें मोहाली स्थित ब्लूम ड्राइव नाम की कंपनी में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिया। इसके बाद फरवरी 2021 में उन्हें गाजियाबाद बुलाया गया और तीन लाख रुपये नकद लिए गए। निवेश की प्रक्रिया के लिए अलग-अलग कंपनियों और वेबसाइट पर खाते बनाए गए। शुरुआत में इन खातों पर निवेश की रकम और रिटर्न दिखाई देता रहा, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता गया।
वेबसाइट और एप बंद होने के बाद बढ़ी परेशानी
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मई 2025 के बाद अचानक वेबसाइट और एप बंद कर दिए गए। इसके साथ ही निवेशकों के खाते और डाटा भी हटा दिए गए। जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता के अनुसार करीब 175 लोगों की लगभग 26 करोड़ रुपये की रकम फंसी हुई है।
रुपये मांगने पर धमकाने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उन्हें गाजियाबाद पुराने बस अड्डे के पास बुलाया गया। 18 अगस्त को जब वह वहां पहुंचे तो आरोपितों ने उन्हें गाड़ी में डालकर धमकाया। इसके बाद उन्होंने 19 अगस्त को सिहानी गेट थाने में सूचना दी। 24 अगस्त को पुलिस आयुक्त को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार देर रात सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
