डिजिटल डेस्क, यूपी टीम : लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थी मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास पहुंचे है। उनके दरवाजे पर बैठ गए और राजभर चाचा न्याय करो के नारे लगाए है। जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को पुलिस। इको गार्डन ले गई है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती मामले मे अभ्यर्थियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। अपनी समस्याओं का कोई ठोस समाधान न मिलने से नाराज अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर के सरकारी आवास का घेराव करने पहुंचे है। अभ्यर्थियों ने मंत्री के आवास के बाहर जमकर नारेबाजी की और शासन-प्रशासन से अपनी मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग रखी है। अभ्यर्थियों ने ओम प्रकाश राजभर के दरवाजे पर बैठकर राजभर चाचा न्याय करो के नारे लगाए है। मौके पर बने भारी तनाव के बीच पुलिस कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया है। हिरासत में लिए जाने के बावजूद अभ्यर्थियों ने अपनी आवाज बुलंद रखी और सरकार से भर्ती की समस्याओं का अविलंब निस्तारण करने की अपील की है।
इसके पहले केशव प्रसाद के आवास पर प्रदर्शन किया था
बता दे कि इससे पहले अभ्यर्थियों ने भाजपा प्रदेश कार्यालय और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था। जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया था। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन करते रहे हैं। एक बार फिर शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक
2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए 5% छूट थी पर इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों को छूट का लाभ नहीं मिला है सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया है। इसी को लेकर वे संशोधित चयन सूची जारी करने और आरक्षण संबंधी प्रावधानों को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
