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यूपी में MLC और राज्यसभा चुनाव का बजा बिगुल,11 सीटों मे आज से नामांकन शुरु

यूपी में MLC और राज्यसभा चुनाव का बजा बिगुल,11 सीटों मे आज से नामांकन शुरु

डिजिटल डेस्क , लखनऊ: यूपी की 11 विधान परिषद सीटों के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 6 अक्टूबर तक पर्चे दाखिल किए जाएंगे। राज्यसभा के लिए 16 अक्टूबर और MLC चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी। नामांकन में आगरा, मथुरा सहित 12 जिले शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव की नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। राज्यसभा की 10 और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 6 अक्टूबर तक नामांकन होंगे। 7 अक्टूबर को जांच और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। राज्यसभा के लिए 16 अक्टूबर और विधान परिषद के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। एमएलसी चुनाव छह साल में होते हैं। मंगलवार से चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और इसी के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। पहले दिन नामांकन के कम आसार हैं। राज्यसभा सदस्यों के लिए विधान भवन में दिन में 11 बजे से तीन बजे तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे।

बता दे कि विधान परिषद सदस्यों के नामांकन- लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, बरेली, झांसी और गोरखपुर में होने है। विधान परिषद के लिए 23 अक्टूबर व राज्यसभा के लिए 16 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। संबंधित सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है, जिसके लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा।

UP में MLC-राज्यसभा चुनाव के आज से नामांकन शुरू

1- MLC की 11 और राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव

2- नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर तय, आज जारी होगी चुनाव अधिसूचना

3- BJP अब तक राज्यसभा और विधान परिषद प्रत्याशियों के नाम तय नहीं कर पाई

4- CM योगी की अध्यक्षता में कोर कमेटी बैठक में कई नामों पर हुई चर्चा

5- BJP जल्द दोबारा बैठक कर जातिवार और क्षेत्रवार नामों पर करेगी मंथन

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव को सपा रोचक बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक सपा दो सीटों पर संतोष करने के बजाय तीसरा प्रत्याशी भी उतार सकती है। यूपी में प्रभावी विधानसभा संख्या 397 है। जीत के लिए करीब 37 वोट चाहिए। सपा-कांग्रेस गठबंधन आराम से 2 उम्मीदवार जिता लेगा, फिर भी 25 वोट बचेंगे। तीसरे उम्मीदवार के लिए सपा की नजर विपक्ष से बाहर के विधायकों और सत्ता पक्ष के भीतर असंतोष पर है। 2024 में सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन को क्रॉस वोटिंग से हार मिली थी और BJP के संजय सेठ जीत गए थे। इस बार तीसरा दांव चलकर सपा 2027 से पहले दोनों खेमों की एकजुटता की परीक्षा लेना चाहती है। पार्टी इसे पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक के पीडीए गठजोड़ को धार देने के मौके के तौर पर देख रही है।