- दनकौर ब्लाक के स्कूलों में 70 से 90 प्रतिशत तक शिक्षकों की लगी ड्यूटी, कुछ विद्यालयों के सभी शिक्षक किए गए तैनात
गौतमबुद्ध नगर, डिजिटल डेस्क : जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का असर अब परिषदीय विद्यालयों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है। दनकौर ब्लाक के कई स्कूलों में पहले ही अधिकांश शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगा दिया गया था। अब प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों की भी ड्यूटी लगाए जाने से कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था ठप होने की स्थिति बन गई है। कुछ स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी नियमित शिक्षक नहीं बचा है। इससे हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
शिक्षकों के मुताबिक, कंपोजिट विद्यालय लुक्सर में 400 बच्चों को पढ़ाने के लिए नौ शिक्षक तैनात हैं, इनमें से आठ की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय लाडपुरा में 378 बच्चों के सापेक्ष नौ में से सात शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। कंपोजिट विद्यालय चचुला में छह में से पांच शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है। संविलियन विद्यालय घंघौला में 182 बच्चों के लिए तैनात चारों शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। प्राथमिक विद्यालय चीती के तीनों शिक्षकों को भी जनगणना कार्य में लगाया गया है।
इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय अमरपुर, रौनी रामपुर, मोहम्मदपुर जादौन और अट्टा गुजरान समेत कई अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों की कमी की स्थिति बनी हुई है। प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर इकबाल, दूबली, क्यामपुर, दादूपुर और धनौरी में भी स्टाफ की कमी से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
शिक्षकों का कहना है कि जनगणना महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसमें सहयोग करने से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि स्कूलों में पढ़ाई जारी रह सके। शिक्षकों पर नियमित कक्षाओं के अलावा यू-डायस, डीबीटी, प्रेरणा पोर्टल और आनलाइन प्रशिक्षण जैसे विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई के साथ शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
प्राइवेट स्कूलों से मांगे जा रहे शिक्षक
मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जिन परिषदीय विद्यालयों में अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लग गई है, वहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी ड्यूटी हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्राइवेट स्कूलों से संपर्क कर एक-दो शिक्षक उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिन विद्यालयों के शिक्षकों की अभी ड्यूटी नहीं लगी है, उन्हें जनगणना कार्य में लगाया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि जनगणना का काम भी प्रभावित न हो और स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था भी बनी रहे।
