काकरोच पर CJI ने तोड़ी चुप्पी, बोले, जो मैंने कहा नहीं वो भी सुना

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रवि शर्मा, नई दिल्ली : काकरोच के मामले में शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीस सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान उनकी जुबानी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया और बाद में देश के युवाओं को गुमराह करने के लिए बुरी नियत का इस्तेमाल किया गया। CJI ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा कि मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया और उसका इस्तेमाल गलत किया गया। जो बात कही ही नहीं गई, उसे ऐसे दिखाया गया जैसे वह कही गई हो। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। खासकर, यह देश के युवाओं को गुमराह करने की एक बड़ी और बुरी नीयत वाली कोशिश है। साथ ही CJI ने सोशल मीडिया पर बिना जरूरी संदर्भ के कोर्ट की कार्यवाही के छोटे से क्लिप्स के फैलने पर चिंता जाहिर की।

CJI ने कहा कि चाहे आप सोशल मीडिया, प्रिंंट मीडिया या किसी भी तरह के मीडिया से जुड़ें हों, या फिर सिर्फ एक आम नागरिक हों, हम सभी के कुछ अधिकारी और संवैधानिक कर्तव्य व जिम्मेदारियां हैं। जब हम अधिकारों की बात करते हैं, तो हमें अपने कर्तव्यों को पूरा करने की क्षमता भी रखनी चाहिए। इसलिए मैं उनसे अपनी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखने का आग्रह करूंगा; हम सभी को समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए अथक प्रयास करने चाहिए।’

यह है पूरा मामला :

दरअसल 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कथित तौर पर फर्जी डिग्री वाले कुछ लोगों की तुलना ‘कॉकरोच’ से की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे लोग सोशल मीडिया या सोशल एक्टिविस्ट बनकर चल रही व्यवस्था को टारगेट बनाते हैं। इसके बाद युवाओं के बीच खतरनाक प्रतिक्रिया देखने को मिली और इसी टिप्पणी के बाद जन्म हुआ व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का। पहले आंदोलनव्यंग लग रहा था देखते ही देखते इसी संगठन के नेतृत्व में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन हुआ। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। प्रदर्शन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।