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बारिश बनी काल, कच्चा मकान गिरने से मां-बेटी की मौत

बारिश बनी काल, कच्चा मकान गिरने से मां-बेटी की मौत
  • मलबे में दबकर मां ने मौके पर तो अधिवक्ता बेटी ने अस्पताल में तोड़ा दम, गांव में छाया मातम

रामप्रकाश श्रीवास्तव, संवाददाता, कानपुर देहात। लगातार हो रही बारिश गरीब परिवारों के लिए आफत बनती जा रही है। रविवार की भोर कोतवाली क्षेत्र के नवल निवादा मजरा गांव में तेज बारिश के बीच एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान के अंदर एक ही चारपाई पर सो रही मां-बेटी मलबे के नीचे दब गईं। हादसे में मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता बेटी ने शिवली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के बाद गांव में मातम और परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम सभा भेवान के मजरा नवल निवादा निवासी शांति देवी पत्नी स्वर्गीय रामेश्वर पाल (75) अपनी अधिवक्ता पुत्री नीलू पाल (35) के साथ कच्चे मकान में रह रही थीं। रविवार तड़के करीब तीन बजे दोनों एक ही चारपाई पर सो रही थीं। इसी दौरान लगातार हो रही तेज बारिश के बीच कच्ची कोठरी अचानक भरभराकर ढह गई। मकान गिरने से तेज धमाके जैसी आवाज हुई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और स्वजन मौके पर पहुंचे तो मां-बेटी मलबे के नीचे दबी मिलीं।

ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। तब तक शांति देवी की मौत हो चुकी थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल नीलू पाल को तत्काल शिवली सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मां-बेटी की एक साथ मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

लगातार बारिश से कच्चे मकानों पर मंडरा रहा खतरा

क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे कच्चे मकानों की हालत लगातार खराब हो रही है। गरीब परिवारों के सामने सबसे बड़ा संकट सुरक्षित आशियाने का है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को हर समय हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर राहत सहायता उपलब्ध कराने और जर्जर मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है।