- यूपीआइटीएस में जिम्स इंक्यूबेशन सेंटर और इनवेस्ट यूपी के फार्मा-मेडटेक सत्र में दो एमओयू पर हुए हस्ताक्षर
डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस और मेडटेक क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नालेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआइटीएस)-2026 में फार्मा और मेडटेक क्षेत्र में 970 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। ये एमओयू जिम्स के इंक्यूबेशन सेंटर और इनवेस्ट यूपी की ओर से आयोजित फार्मा एवं मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन के दौरान यूपी यीड़ा के साथ किए गए।
इनमें सुधीर श्रीवास्तव इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में 800 करोड़ रुपये, जबकि यूनिवलैब्स टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड ने 170 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। प्रस्तावित निवेश से प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण, तकनीकी नवाचार और इससे जुड़े औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल में दिखने वाली समस्या से शुरू होगा समाधान
सत्र में मेडटेक नवाचार के लिए अस्पताल आधारित मॉडल पर विशेष जोर दिया गया। जिम्स के इंक्यूबेशन सेंटर ने अस्पताल में सामने आने वाली वास्तविक क्लीनिकल समस्याओं को तकनीकी समाधान में बदलने की प्रक्रिया को सामने रखा। इसमें डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से मिलने वाले क्लीनिकल इनपुट को डेटा, इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता से जोड़कर नए समाधान विकसित करने की बात कही गई।
विकसित तकनीक का क्लीनिकल वैलिडेशन होने के बाद उसे निवेश और विनिर्माण के जरिए बड़े स्तर पर ले जाने पर जोर दिया गया। इस मॉडल का उद्देश्य ऐसी मेडिकल तकनीक विकसित करना है, जिसकी शुरुआत किसी प्रयोगशाला की अवधारणा से नहीं बल्कि अस्पताल में सामने आई वास्तविक समस्या से हो। इसके बाद डाक्टरों की जरूरत के अनुरूप समाधान तैयार कर उसका परीक्षण, वैलिडेशन और अंततः बाजार तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।
उद्योग, अस्पताल और सरकार के बीच समन्वय पर जोर
जिम्स निदेशक डा. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, हेल्थटेक और क्लीनिकल इनोवेशन के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मौजूद क्लीनिकल विशेषज्ञता को उद्योग की तकनीकी क्षमता और सरकार की नीतिगत एवं औद्योगिक सुविधाओं से जोड़ने की आवश्यकता है।
‘उत्तर प्रदेश में फार्मा और मेडटेक के भविष्य का निर्माण : इनोवेशन, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक अवसर’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रदेश में फार्मा और मेडिकल डिवाइस उद्योग के लिए विकसित किए जा रहे औद्योगिक आधार पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र की जरूरतों और उद्योग की तकनीकी क्षमता के बीच बेहतर तालमेल से नए उत्पाद विकसित किए जा सकते हैं और उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
सत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, इनवेस्ट यूपी की एसीईओ प्रेरणा शर्मा, यूपीसीडा की एसीओ दीक्षा जैन, मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व डीसीजीआइ डा. जीएन सिंह और जिम्स इंक्यूबेशन सेंटर के सीईओ डा. राहुल सिंह मौजूद रहे।
