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एक साल से बंद ऐच्छर का सर्विस रोड, 30 हजार आबादी परेशान; 20 फीट गहरे गड्ढे से हादसे का खतरा

एक साल से बंद ऐच्छर का सर्विस रोड, 30 हजार आबादी परेशान; 20 फीट गहरे गड्ढे से हादसे का खतरा

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : ऐच्छर गांव और बाजार को जोड़ने वाला सर्विस रोड पिछले एक वर्ष से अधिक समय से बंद होने के कारण करीब 30 हजार की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा कथित रूप से निजी स्तर पर रास्ता बंद कर दिया गया है। रास्ते पर 20 फीट से अधिक गहरा गड्ढा खोद दिए जाने और मिट्टी का ढेर लगाए जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित है। रात के समय यहां हादसे की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह सर्विस रोड ऐच्छर गांव और बाजार के अलावा सेक्टर 36, पाई और आसपास के अन्य क्षेत्रों को जोड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, नौकरीपेशा लोग, छात्र और अन्य लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। रास्ता बंद होने के बाद लोगों को वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ रहा है। इससे कई लोगों को करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

लोगों का आरोप है कि रास्ता बंद करने के लिए सड़क के बीचोंबीच गहरा गड्ढा खोद दिया गया है। मौके पर मिट्टी का बड़ा ढेर लगा हुआ है और गड्ढे के चारों ओर ग्रीन नेट लगाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण विशेषकर रात में वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है।

शिकायतों के बाद भी नहीं खुला रास्ता

क्षेत्रवासियों का कहना है कि सर्विस रोड बंद किए जाने की शिकायत कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से की जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक रास्ता आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि उक्त मार्ग सरकारी भूमि, सार्वजनिक रास्ते या स्वीकृत लेआउट में दर्ज है तो उसकी स्थिति की जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि किसी निजी व्यक्ति या बिल्डर द्वारा बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के सार्वजनिक आवागमन वाले रास्ते को बंद किया गया है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

इन परिस्थितियों में ही बंद किया जा सकता है मार्ग

सार्वजनिक मार्ग को सामान्य तौर पर सड़क निर्माण या मरम्मत, सुरक्षा अथवा आपदा की स्थिति में अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। इसके अलावा सक्षम प्रशासनिक अनुमति, वीआइपी मूवमेंट या बड़े सार्वजनिक आयोजन के दौरान जिला प्रशासन अथवा पुलिस की अनुमति से भी यातायात प्रतिबंधित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में आम लोगों की सुरक्षा और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी होता है।

सार्वजनिक रास्ता बंद करने पर हो सकती है कार्रवाई

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि सार्वजनिक रास्ते को बिना अनुमति के बंद किया गया है तो संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। सार्वजनिक आवागमन में अवरोध की स्थिति में स्थानीय प्रशासन शिकायत के आधार पर अथवा स्वयं संज्ञान लेकर मामले की जांच कर सकता है। शिकायतकर्ताओं ने रास्ता तत्काल खुलवाने और गड्ढे को सुरक्षित कराने की मांग की है।

प्राधिकरण कराएगा मौके पर जांच

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर मार्ग बंद किए जाने की जांच कराई जाएगी। जमीन और मार्ग की स्थिति की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।