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दवा कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बहू नहीं बेटे ने करवाया बाप का कत्ल,नौकर को दी 2 लाख की सुपारी

दवा कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बहू नहीं बेटे ने करवाया बाप का कत्ल,नौकर को दी 2 लाख की सुपारी

कानपुर : कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 5 सितंबर को हुई कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने जो परतें खोलीं, उसने सबको हैरान कर दिया है। इस साजिश का सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना बेटा सुव्रत मिनोचा निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चर्चित करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, सुव्रत ने अपने पिता की हत्या के लिए विशाल गौतम और राजकिशोर को सुपारी दी थी। विशाल ने पुलिस को बताया कि हत्या वाले दिन सुब्रत ने उसे करीब 6 बार फोन किया था और हर बार काम जल्दी खत्म करने की बात कही थी। वारदात के समय सुब्रत अपनी पत्नी के साथ पार्टी करने का ड्रामा रचकर बाहर गया हुआ था। विशाल कभी विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर ही काम करता था। 2010 से 2022 तक, यानी 12साल का पुराना नाता था । लेकिन 2022 में चोरी के आरोप में नौकरी से निकाले जाने के बाद दोनों के रिश्तों में दरार आ गई थी। पूछताछ में विशाल ने पुलिस को बताया कि इस पूरी साजिश में सुव्रत की पत्नी शालू मिनोचा का कोई हाथ नहीं था । सुव्रत ने विशाल और राजकिशोर के जरिए घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाई और प्लान बनाया था।

बेटा अपने पिता की जान का दुश्मन क्यों बना?

पुलिस के अनुसार सुब्रत को आशंका थी कि पिता के दूसरी महिलाओं से रिश्तों के चलते भविष्य में कोई और संपत्ति में हिस्सा मांग सकता है। ऊपर से वह भारी कर्ज में डूबा था, और जुए व शराब की लत ने हालात और बिगाड़ दिए थे । इससे पहले पिता को सड़क हादसे में मरवाने की योजना भी बनाई गई थी। जो नाकाम रही थी। पुलिस ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद की, साथ ही राजकिशोर के घटना के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े भी जब्त किए। चाबी बनाने वाले कारीगर ने विशाल की शिनाख्त कर मामले की कड़ी जोड़ दी। घटना से पहले सुव्रत और विशाल की लोकेशन कई बार एक ही जगह मिली, और चाबी बनवाते वक्त दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी।

आरोपी ने 3 दिन पहले नया सिम खरीदा

सबूत मिटाने की कोशिश में दोनों ने आपस की व्हाट्सऐप चैट डिलीट कर दी, और विशाल ने वारदात से तीन दिन पहले ही नया सिम खरीद लिया था शुरुआती पूछताछ में विशाल ने शालू मिनोचा का नाम भी लिया था, लेकिन जांच में उसकी संलिप्तता के कोई ठोस सबूत नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि सुव्रत खुद को बचाने और पत्नी को फंसाने की चाल भी चल रहा था। फिलहाल पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर सुब्रत मिनोचा को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है। मामले की कार्रवाई जारी है।