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4,000 करोड़ रुपये के लीजबैक मामले में वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त

4,000 करोड़ रुपये के लीजबैक मामले में वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण से जुड़े करीब 4,000 करोड़ रुपये के लीजबैक मामले में 1997 बैच के वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। नियुक्ति विभाग ने सोमवार को उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।

हरीश चंद्र नोएडा प्राधिकरण में सचिव के पद पर तैनात रह चुके हैं। वर्तमान में वह खाद्य एवं रसद विभाग में स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर कोलकाता में तैनात थे। विभागीय जांच में उन पर नोएडा प्राधिकरण की जमीन के नियमों के विपरीत लीजबैक में भूमिका निभाने के आरोप सामने आए थे।

जांच के अनुसार करीब 3.81 लाख वर्गमीटर जमीन का नियम विरुद्ध लीजबैक किया गया था। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 3,800 करोड़ रुपये आंका गया। जांच में यह भी सामने आया कि शहदरा गांव से बाहर के लोगों के साथ निजी कंपनियों के नाम भी जमीन का लीजबैक किया गया। कुछ मामलों में बड़े भूखंड लीजबैक किए जाने की बात सामने आई।

जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि लीजबैक से संबंधित समितियों और प्राधिकरण के समक्ष कुछ तथ्यों को छिपाते हुए भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। नियमों के अनुसार लीजबैक की सुविधा संबंधित गांव के किसानों के लिए निर्धारित थी, जबकि जांच में बाहरी लोगों और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की बात सामने आई।

शासन के अनुसार, हरीश चंद्र के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई 2013 में शुरू की गई थी। लोक सेवा आयोग, प्रयागराज की 6 जनवरी 2022 की सहमति और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के 3 सितंबर 2026 के आदेश में सामने आए तथ्यों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई।