राघव दुबे, संवाददाता, फर्रुखाबाद। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने शुक्रवार को हुंकार भरी। मानदेय में वृद्धि न होने से नाराज स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने 15 दिनों के कार्य बहिष्कार का ऐलान करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मुख्य द्वार पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की और मांग पूरी न होने पर 5 अक्टूबर को लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और संगिनियां कमालगंज सीएचसी परिसर में एकत्र हुईं। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट को घेरकर धरना शुरू कर दिया। बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान मानदेय में परिवार का गुजर-बसर करना मुश्किल हो गया है। वे लंबे समय से सम्मानजनक वेतन और भत्तों की मांग कर रही हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘आशा एकता जिंदाबाद’, ‘जो अधिकार दिलाएगा, वो सरकार चलाएगा’ जैसे नारे लगाकर अपनी आवाज बुलंद की। आशाओं ने स्पष्ट किया कि 1 अक्टूबर से 15 दिनों तक वे किसी भी स्वास्थ्य कार्य में हिस्सा नहीं लेंगी। कार्य बहिष्कार के चलते क्षेत्र में टीकाकरण सहित अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं।
हालांकि, आशा कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 5 अक्टूबर को लखनऊ जाकर उग्र आंदोलन करेंगी। इसी तरह जिले की कई सीएचसी पर धरना प्रदर्शन किया गया।
