- नालेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो के दूसरे दिन रिसर्च जर्नल एवं कृषि साहित्य का विमोचन हुआ
रवि शर्मा, गौतमबुद्ध नगर : उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहां सबसे अधिक कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है। इस अपशिष्ट को नवाचार के माध्यम से ऊर्जा में बदला जा सकता है। कृषि अपशिष्ट को आए और ऊर्जा के स्रोत में बदलकर किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। हम सबके सहयोग से ग्रीन एनर्जी के माध्यम से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगे। यह किसानों के भविष्य को सुनहरा बनाने का अवसर है। यह बातें नालेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहीं।
कार्यक्रम में कई रिसर्च जर्नल एवं कृषि साहित्य का विमोचन किया गया। केआइएस एवं पारस ग्रुप के साथ एक हजार करोड़ रुपये का एमओयू हस्ताक्षर किया गया। इस दौरान देश-विदेश से आए डेलीगेट्स, विषय विशेषज्ञों और उद्यमियों ने बायोएनर्जी, सीबीजी, कृषि अपशिष्ट के उपयोग, ग्रामीण रोजगार और ग्रीन एनर्जी की संभावनाओं पर मंथन किया। कार्यक्रम के शुरूआत में अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) आशीष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश पढ़कर सुनाया।
पूर्व की सरकारों ने किसानों की नहीं की चिंता :
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पूर्व की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने किसानों की चिंता नहीं की, जबकि प्रधानमंत्री ने किसानों की आमदनी बढ़ाने, स्वाइल हेल्थ कार्ड और कृषि को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने कहा कि सीबीजी इंडस्ट्री में किसानों को समृद्ध बनाने की बहुत ताकत है। इसके माध्यम से कचरे को कंचन बनाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है और गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार दिया जा सकता है। ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए प्रदेश में डोमेस्टिक लेवल पर एक लाख छोटे बायोगैस प्लांट लगाने की आवश्यकता बताई।
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