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छोटी कंपनियों के लिए वरदान बनेगा एआइ युक्त ‘डाटा ब्रिज’, उत्पादन में गड़बड़ी की तुरंत मिलेगी जानकारी

छोटी कंपनियों के लिए वरदान बनेगा एआइ युक्त ‘डाटा ब्रिज’, उत्पादन में गड़बड़ी की तुरंत मिलेगी जानकारी
  • यूपीआइटीएस में प्रदर्शित किया गया एआइ आधारित साफ्टवेयर, तापमान से लेकर मशीनों की स्थिति तक का डाटा एक प्लेटफार्म पर होगा उपलब्ध

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : छोटी कंपनियों और स्टार्टअप के लिए उत्पादन प्रक्रिया की निगरानी अब कम लागत में आसान बनाने की दिशा में तकनीक आधारित पहल की गई है। डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से पढ़ाई कर चुके नीतीश ने स्प्राइटऐरा कंपनी के सहयोग से एआइ युक्त ‘डाटा ब्रिज’ साफ्टवेयर विकसित किया है। यह साफ्टवेयर उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी मानकों की जानकारी रियल टाइम में स्क्रीन पर उपलब्ध कराने के साथ डाटा को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद करेगा। साफ्टवेयर को नालेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआइटीएस) में प्रदर्शित किया गया है।

उत्पादन से जुड़ी छोटी कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक लगातार निगरानी और डाटा प्रबंधन की है। किसी उत्पाद को तैयार करने के दौरान तापमान, मशीनों की स्थिति, नमी और अन्य तकनीकी मानकों में मामूली बदलाव भी उत्पादन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। बड़े उद्योगों में इन मानकों की निगरानी के लिए अलग-अलग उपकरण और आधुनिक निगरानी प्रणाली उपलब्ध रहती है, लेकिन सीमित संसाधनों वाली छोटी कंपनियों और स्टार्टअप के लिए ऐसी व्यवस्था करना महंगा साबित होता है। इसके कारण कई बार उत्पादन प्रक्रिया में होने वाला बदलाव समय पर सामने नहीं आ पाता और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

एक स्क्रीन पर मिलेगी उत्पादन की पूरी जानकारी

डाटा ब्रिज को इसी समस्या के तकनीकी समाधान के तौर पर विकसित किया गया है। साफ्टवेयर की मदद से उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग पैरामीटर का डाटा एक स्थान पर एकत्र किया जा सकेगा। संबंधित सेंसर और सिस्टम से प्राप्त जानकारी को डिजिटल प्लेटफार्म पर देखा जा सकेगा। उत्पादन के दौरान तापमान अथवा किसी अन्य निर्धारित पैरामीटर में बदलाव होने पर उसकी जानकारी रियल टाइम में स्क्रीन पर उपलब्ध होगी। इससे उत्पादन प्रक्रिया की निगरानी करने वाले व्यक्ति को किसी संभावित समस्या की जानकारी समय रहते मिल सकेगी।

महंगे उपकरणों पर निर्भरता कम करने का प्रयास

नीतीश के मुताबिक, वर्तमान में उत्पादन प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनियों को कई तरह के उपकरण और अलग-अलग इंक्यूबेशन व मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने पड़ते हैं। इनकी लागत अधिक होने के कारण छोटे उद्योगों के लिए अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था स्थापित करना चुनौतीपूर्ण होता है। डाटा ब्रिज को सीमित संसाधनों वाली कंपनियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य उत्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराना और निगरानी प्रक्रिया को सरल बनाना है।

पुराना डाटा भी रहेगा सुरक्षित, समस्या के कारणों का होगा विश्लेषण

साफ्टवेयर की एक अन्य खासियत उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े डाटा को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना है। किसी उत्पाद के निर्माण में समस्या आने पर पुराने रिकार्ड की मदद से यह पता लगाने में सहायता मिल सकती है कि उत्पादन के किस चरण में बदलाव हुआ था। इससे कंपनियों को समस्या के संभावित कारणों का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। साथ ही पुराने डाटा का इस्तेमाल भविष्य में उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकेगा।

स्टार्टअप के लिए उपयोगी साबित होने की उम्मीद

डाटा ब्रिज के जरिये उत्पादन की निगरानी, डाटा प्रबंधन और संभावित तकनीकी गड़बड़ियों की पहचान को एक ही डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया है। यूपीआइटीएस में प्रदर्शित इस तकनीक के जरिये छोटी कंपनियों और स्टार्टअप को कम संसाधनों में उत्पादन प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखने का विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है। इससे उत्पादन में होने वाले संभावित नुकसान को समय रहते कम करने और प्रक्रिया से जुड़े डाटा को व्यवस्थित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।