नोएडा में खुली प्रदेश की पहली NABL मान्यता प्राप्त प्राइवेट फोरेंसिक लैब

अब आम नागरिक भी करा सकेंगे डिजिटल, फिजिकल और क्राइम सीन की जांच, कोर्ट में होंगे मान्य साक्ष्य

ग्रेटर नोएडा। अब फोरेंसिक जांच के लिए सिर्फ पुलिस या सरकारी एजेंसियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नोएडा के सेक्टर-73 में स्थित लक्सर एविडेंस लैब को NABL से मान्यता मिलने के बाद आम नागरिक भी सीधे अपने साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच करा सकेंगे।

यह उत्तर प्रदेश की पहली सरकारी-गैर सरकारी और देश की पहली गैर सरकारी फोरेंसिक लैब है। इसे डिजिटल फोरेंसिक्स, फिजिकल फोरेंसिक्स और क्राइम सीन मैनेजमेंट की एक साथ जांच की मान्यता मिली है। लैब को राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान जिम्स का सहयोग प्राप्त है।

लैब के संस्थापक डॉ. इंद्रजीत राय ने बताया कि अब तक दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में बनी लैब में तीनों तरह की जांच एक साथ नहीं होती थी। इससे आम लोगों को अधिक खर्च और दौड़-भाग करनी पड़ती थी। नोएडा की इस लैब में कम खर्च में एक ही स्थान पर सभी जांच संभव होंगी।

उन्होंने बताया कि लैब में मोबाइल-डिजिटल फोरेंसिक्स, क्लाउड फोरेंसिक्स, ऑडियो-वीडियो ऑथेंटिसिटी, फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग, फोरेंसिक दस्तावेज जांच, क्राइम सीन मैनेजमेंट और टेक्निकल सर्विलांस की सुविधा उपलब्ध है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 और संविधान की धारा 39 व 63 के तहत यहां जांचे गए साक्ष्य अदालत की कार्रवाई में मान्य होंगे।

कोई भी व्यक्ति, वकील, कंपनी, बैंक, बीमा कंपनी, शिक्षण संस्थान या जांच एजेंसी अपने सबूतों की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच करा सकती है। लैब में सालाना 20 हजार केस निपटाने की क्षमता है। डॉ. राय ने कहा कि वह प्रदेश सरकार से यूपी के मामलों की जांच का प्रस्ताव भी रखेंगे, ताकि अन्य लैब का बोझ कम हो सके।

जिम्स के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने इसे “उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक पल” बताया। पूर्व सीएफएसएल साइंटिस्ट रमाकांत ने कहा कि बढ़ते साइबर और धोखाधड़ी के मामलों में यह लैब काफी मददगार साबित होगी।

डॉ. इंद्रजीत राय को 2023 में ब्रिटिश पार्लियामेंट में “भारत के पहले और दुनिया के सबसे लंबे समय तक फोरेंसिक लैब में काम करने” के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान मिल चुका है।

साइबर क्राइम में लगातार इजाफा

NCRP के आंकड़ों के अनुसार 2025 में डिजिटल धोखाधड़ी के 21.77 लाख मामले दर्ज हुए, जिसमें 19,812 करोड़ का नुकसान हुआ। 2021 से 2025 के बीच 52,976 करोड़ की ठगी हो चुकी है। हर साल 75 से 90 हजार ब्लैकमेलिंग, सेक्सटार्शन और डीपफेक के मामले भी आ रहे हैं। अकेले यूपी में 2.75 लाख शिकायतें और 1443 करोड़ का नुकसान हुआ है।

लक्सर लैब में ये सुविधाएं

डिजिटल और मोबाइल फोरेंसिक्स ,ऑडियो-वीडियो की सच्चाई जांच ,फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग, दस्तावेज जांच,क्राइम सीन मैनेजमेंट, टेक्निकल सर्विलांस काउंटर-मेजर्स